बीमार व्यक्ति से मिलते समय बिलकुल भी ना करे ये गलती
बीमार व्यक्ति से मिलने या उनकी मदद करना, एक बहुत ही अच्छा तरीका है उनके प्रति अपना प्रेम प्रकट करने का। मिलते वक़्त सिर्फ़ समय ही नहीं परंतु शब्दो का भी ध्यान रखना पड़ता है। और कही ये गलतिया हम भी ना कर बेठे, ये ध्यान रखना जरूरी है। कैंसर, एक बड़ी बीमारी है, जिसके परिणाम मरीज काफी समय तक भोगता है। जब जेस्सीका के सबसे छोटे बेटे को डॉक्टर ने कैंसर बताया तो वो काफी चिंतित हुई। परंतु चिंता किसी भी प्रकार के कार्य की नहीं परंतु भावनात्मक थी।

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इस मुश्किल समय में, जेसिका के जानने वालों ने बिन मांगे मदद करके उसकी परेशानियों को कम किया। जेसिका ने एक इंटरव्यू में बताया कि, जिस स्कूल मे जेसिका पढ़ाती थी, वहाँ से उसे आर्थिक सहायता देने के लिए एक फंडिंग कैम्पेन बनाया गया। जेसिका ने कहा कि वो इस बात से काफी प्रभावित हुई है। क्यूँकि, खासतौर से ये कैम्पेन बिना जेसिका को बताए किया गया, यदि उनसे पूछा जाता तो वो कभी हाँ न कहती।

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जरा गौर करें कि जेसिका ख़ुद मदद ना मांगती और यही सच है दुनिया भर के कैंसर पीड़ितो मे। पीड़ित से पूछना, "क्या मैं कुछ मदद कर दूँ?" या "आप मुझे बताना तब मैं आ जाऊँगा", ये किसी भी पीड़ित के लिए मददगार सिद्ध नहीं होंगे।
निम्न कुछ बातों का ख़याल रखने से आप एक मददगार दोस्त साबित हो सकते हैं।
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इस मुश्किल समय में, जेसिका के जानने वालों ने बिन मांगे मदद करके उसकी परेशानियों को कम किया। जेसिका ने एक इंटरव्यू में बताया कि, जिस स्कूल मे जेसिका पढ़ाती थी, वहाँ से उसे आर्थिक सहायता देने के लिए एक फंडिंग कैम्पेन बनाया गया। जेसिका ने कहा कि वो इस बात से काफी प्रभावित हुई है। क्यूँकि, खासतौर से ये कैम्पेन बिना जेसिका को बताए किया गया, यदि उनसे पूछा जाता तो वो कभी हाँ न कहती।
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जरा गौर करें कि जेसिका ख़ुद मदद ना मांगती और यही सच है दुनिया भर के कैंसर पीड़ितो मे। पीड़ित से पूछना, "क्या मैं कुछ मदद कर दूँ?" या "आप मुझे बताना तब मैं आ जाऊँगा", ये किसी भी पीड़ित के लिए मददगार सिद्ध नहीं होंगे।
निम्न कुछ बातों का ख़याल रखने से आप एक मददगार दोस्त साबित हो सकते हैं।
- न्योता का इंतज़ार ना करे: मरीज़ को अपने समय सारणी का बताए कि आप 4 बजे के बाद उपस्थित है। उन्हे आपको न्योता देने को ना कहे।
- मरीज़ के भाव के अनुसार, उससे मिले : काफी कैंसर पीड़ित कभी कभी अकेले समय व्यतीत करना चाहते हैं
- ऎसा भी ना हो कि मदद करने के बदले हम उनकी परेशानी बन कर सिर पर सवार हो जाए। जब वे अकेला रहना चाहते है तो हमे उन्हें अकेला छोड़ देना चाहिये।
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