तेज पत्ते के खाने से दूर होती है ये बीमारी जाने
भारतीय मसालों में तेज पत्ता एक महत्वपूर्ण स्पाइस है। तेज पत्ते में एंटी फंगल और एंटी बैक्टीरियल गुण पाया जाता है। तेज पत्ते में विटामिन ए, सी , कैल्सियम, आयरन, फोलिक एसिड, कोप्पर, मैग्निशिय, मैगनीज़, पोटैशियम और एन्टिओक्सीडेंट्स भी पाए जाते है। इसका पेड़ अधिकतर हिमालय क्षेत्र में ही पाया जाता है। तेज पत्ता की प्रकृति गर्म होती है। तेज पत्ता पैन किलर का काम करता है। इसका सेवन करने से पेशाब सम्बन्धी रोगो में आराम मिलता है।
तेज पत्ते के इस्तेमाल से खत्म हो जाएंगे ये रोग
● १ चम्मच तेज पत्ते का चूर्ण शहद में मिलाकर लेने से खांसी में आराम मिलता है।
● यदि आपके दान्त पीले या उन पर मैल जमा हो गई हो तो तेज पत्ते को बारीक़ पीसकर २-३ दिन के अंतराल से मंजन के रुप में करने से दान्त चमकने लग जाते है।
● यदि किसी के पेट में कीड़े हो तो तेज पत्ते और जैतुन के तेल को मिलाकर मल द्वार पर लगाने से पेट के कीड़े मर जाते है।
● यदि सर्दी और जुक़ाम की समस्या हो तो तेज पत्ते के चूर्ण की चाय बनाकर पीने से नाक का बहना, छींक , ठण्ड लगना बंद हो जाता है।
● यदि किसी को बाँझपन या गर्भपात की समस्या हो तो १/४ चम्मच तेज पत्ता दिन में ३ बार कुछ समय तक लेने से यह दोनों समस्याए ठीक हो जाती है।
● यदि सर का दर्द हो तो तेज पत्ते को पानी में पीसकर माथे पर लेप करने से सर के दर्द में आराम मिलता है।
तेज पत्ते के इस्तेमाल से खत्म हो जाएंगे ये रोग
● १ चम्मच तेज पत्ते का चूर्ण शहद में मिलाकर लेने से खांसी में आराम मिलता है।
● यदि आपके दान्त पीले या उन पर मैल जमा हो गई हो तो तेज पत्ते को बारीक़ पीसकर २-३ दिन के अंतराल से मंजन के रुप में करने से दान्त चमकने लग जाते है।
● यदि किसी के पेट में कीड़े हो तो तेज पत्ते और जैतुन के तेल को मिलाकर मल द्वार पर लगाने से पेट के कीड़े मर जाते है।
● यदि सर्दी और जुक़ाम की समस्या हो तो तेज पत्ते के चूर्ण की चाय बनाकर पीने से नाक का बहना, छींक , ठण्ड लगना बंद हो जाता है।
● यदि किसी को बाँझपन या गर्भपात की समस्या हो तो १/४ चम्मच तेज पत्ता दिन में ३ बार कुछ समय तक लेने से यह दोनों समस्याए ठीक हो जाती है।
● यदि सर का दर्द हो तो तेज पत्ते को पानी में पीसकर माथे पर लेप करने से सर के दर्द में आराम मिलता है।
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