क्या आप जानते है हिचकी क्यों आती है
हिचकी के बारे में शायद आपने भी कुछ ऐसा ही सुना होगा। और लोगों का भी यही मानना है। कि जब कोई किसी को याद करता है। तो हिचकी आने लगती हैं। लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। किसी के भी याद करने से हिचकी का कोई लेना-देना नहीं है। यह हमारे शरीर की एक प्राकृतिक प्रक्रिया होती है। और आज हम आपको बताने वाले हैं। कि हिचकियां क्यों आती है। इसके पीछे का क्या कारण है।
तो आपकी जानकारी के लिए बता दे कि हमारे शरीर में मौजूद डायफ्राम के सिकुड़ जाने के बाद ही हमें हिचकियां आने लगती हैं। दरअसल डायफ्राम हमारे शरीर की एक ऐसी मांसपेशी है। जो कि हमारी छाती को हमारे पेट से अलग करती है। सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि ये मांसपेशी हमें सांस लेने की प्रक्रिया में भी काफी मदद करती है। दरअसल जब डायफ्राम मांसपेशी सिकुड़ जाती है। तो उस समय हमारे फेफड़ों में हवा भर जाती है। और जब वह फैल जाता है। तो हमारे फेफड़ों में मौजूद हवा बाहर निकल जाती है।अब आपका सवाल ये है कि आखिर हर किसी को हिचकियां आती क्यों हैं। तो आपको बता दें कि होता कुछ इस तरह से है। कि जब डायफ्राम को नियंत्रित करने वाली नाड़ियां काफी उत्तेजित हो जाती हैं। तो डायफ्राम बार-बार सिकुड़ने लगता है। और इसी वजह से हमारे फेफड़ा भी काफी तेजी के साथ हवा अंदर खींचने लगते हैं। कई बार तेज-तेज हंसने से, तेज मसालेदार चीज खाने से या फिर जल्दी-जल्दी खाने से या फिर पेट फूलने की वजह से भी ऐसा हो जाता है। और नाड़ियों के उत्तेजित हो जाने के पीछे का कारण है हवा।और यह हवा आपके डकार लेने के दौरान ही बाहर निकलती है। लेकिन कभी-कभी ऐसा हो जाता है। कि यह हमारे खाने की तही में कहीं फसी हुई रह जाती हैं। और इसी हवा को बाहर निकालने के लिए हमें हिचकी आनी शुरू हो जाती हैं। और इन हिचकियों को बंद करने के लिए हमारे शरीर में कार्बन डाई ऑक्साइड की मात्रा का बढ़ना काफी ज्यादा जरूरी हो जाता है।
और इसी के साथ आपकी जानकारी के लिए यह भी आपको बता दें कि जब किसी को हिचकी आती हैं। तो उसके कारण ये होते हैं। जैसे की अधिक मात्रा में भोजन करना या फिर जल्दी-जल्दी भोजन कर लेना, धुम्रपान करना या फिर चिंगम चबाना, पेट में गैस बन जाना, एसिडिटी, अधिक मात्रा में शराब का सेवन करना, हानिकारक धुआं, कुछ ऐसी दवाई भी हैं। जिनकी वजह से इंसान को हिचकियां आने लगती हैं।
तो आपकी जानकारी के लिए बता दे कि हमारे शरीर में मौजूद डायफ्राम के सिकुड़ जाने के बाद ही हमें हिचकियां आने लगती हैं। दरअसल डायफ्राम हमारे शरीर की एक ऐसी मांसपेशी है। जो कि हमारी छाती को हमारे पेट से अलग करती है। सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि ये मांसपेशी हमें सांस लेने की प्रक्रिया में भी काफी मदद करती है। दरअसल जब डायफ्राम मांसपेशी सिकुड़ जाती है। तो उस समय हमारे फेफड़ों में हवा भर जाती है। और जब वह फैल जाता है। तो हमारे फेफड़ों में मौजूद हवा बाहर निकल जाती है।अब आपका सवाल ये है कि आखिर हर किसी को हिचकियां आती क्यों हैं। तो आपको बता दें कि होता कुछ इस तरह से है। कि जब डायफ्राम को नियंत्रित करने वाली नाड़ियां काफी उत्तेजित हो जाती हैं। तो डायफ्राम बार-बार सिकुड़ने लगता है। और इसी वजह से हमारे फेफड़ा भी काफी तेजी के साथ हवा अंदर खींचने लगते हैं। कई बार तेज-तेज हंसने से, तेज मसालेदार चीज खाने से या फिर जल्दी-जल्दी खाने से या फिर पेट फूलने की वजह से भी ऐसा हो जाता है। और नाड़ियों के उत्तेजित हो जाने के पीछे का कारण है हवा।और यह हवा आपके डकार लेने के दौरान ही बाहर निकलती है। लेकिन कभी-कभी ऐसा हो जाता है। कि यह हमारे खाने की तही में कहीं फसी हुई रह जाती हैं। और इसी हवा को बाहर निकालने के लिए हमें हिचकी आनी शुरू हो जाती हैं। और इन हिचकियों को बंद करने के लिए हमारे शरीर में कार्बन डाई ऑक्साइड की मात्रा का बढ़ना काफी ज्यादा जरूरी हो जाता है।
और इसी के साथ आपकी जानकारी के लिए यह भी आपको बता दें कि जब किसी को हिचकी आती हैं। तो उसके कारण ये होते हैं। जैसे की अधिक मात्रा में भोजन करना या फिर जल्दी-जल्दी भोजन कर लेना, धुम्रपान करना या फिर चिंगम चबाना, पेट में गैस बन जाना, एसिडिटी, अधिक मात्रा में शराब का सेवन करना, हानिकारक धुआं, कुछ ऐसी दवाई भी हैं। जिनकी वजह से इंसान को हिचकियां आने लगती हैं।

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